| राजस्थान में रिफाइनरी का मार्ग प्रशस्त |
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| द्वारा लिखित मेघराज श्रीमाली |
| सोमवार, 08 मार्च 2010 18:20 |
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राजस्थान के मुख्य मंत्री अशोक गहलोत ने ५ फरवरी को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से राज्य में शोधन संयंत्र स्थापित कराने के लिए दखल देने का आग्रह किया। बाड़मेर में तेल संयंत्र के लिए गठित त्रिपाठी समिति के अध्यक्ष एस.सी. त्रिपाठी ने इस परियोजना को नुकसानदायक और खतरा उठानेवाली योजना बताकर इसकी स्थापना में एक और अड़चन खड़ी कर दी थी। यह समिति बाड़मेर के लीलासा गांव में रिफाइनरी की स्थापना के लिए बुनियादी जरूरतों का जायजा लेने आयी थी।
गहलोत के वजनदार तर्क गहलोत ने सोनिया गांधी को बताया कि वह विगत तीन बरसों से बाड़मेर में रिफाइनरी लगाने की मांग करते आ रहे हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने बाड़मेर और जैसलमेर में तेल के स्रोतों की खोज में करोड़ों रुपये गत ५० वर्षों में खर्च किये हैं और उन्हें तेल के भंडार मिल गये हैं। इस खोज के साथ जनता की भावनाएं जुड़ी हुई हैं अत: बाड़मेर में ही रिफाइनरी लगायी जानी चाहिये। उन्होंने बताया कि राज्य में बार-बार अकाल पड़ते हैं, अत: बाड़मेर में रिफाइनरी लगने से लोगों को रोज़गार के अवसर मिलेंगे। मुख्य मंत्री के कथन को गंभीरता से लेते हुए श्रीमती सोनिया गांधी ने पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा से इस फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान के लोगों की भावनाओं को सम्मान देते हुए बाड़मेर में रिफाइनरी की स्थापना पर विचार किया जाये। गौरतलब है कि ऑयल इंडिया लिमिटेड ने जैसलमेर के बागेवाला क्षेत्र में भारी तेल के विशाल भंडारों की भी खोज की है। इस क्षेत्र में चार कुएं खोदे जा रहे हैं। यह योजना देश में अपने किस्म की पहली योजना है। दक्षिण अमरीकी देश वेनेजुएला के तकनीकी सहयोग से यह कार्य किया जा रहा है। राज्य के पेट्रोलियम सचिव गोविंद शर्मा के अनुसार बाड़मेर और जैसलमेर में एक नया पेट्रोल क्षेत्र बन रहा है। शर्मा यहां त्रिपाठी कमेटी के साथ रिफाइनरी की संभावनाओं का अध्ययन करनेवाले दल के साथ आये थे। उनके अनुसार इस क्षेत्र में कुल मिलाकर पेट्रोलियम के लगभग ५३ मिलियन टन के भंडार हैं। बाड़मेर में कच्चे तेल के ४८० मिलियन टन के भंडार हैं। शर्मा के अनुसार राज्य सरकार ओएनजीसी को तेल शोधन संयंत्र लगाने के लिए हर संभव सहायता देने को तैयार है। ऑयल इंडिया ने वर्तमान में भी बाड़मेर में उत्पादित गैस रामगढ़ थर्मल पावर परियोजना को उपलब्ध कराने का करार किया है। वह दिन दूर नहीं है जब राजस्थान का थार मरुस्थल राज्य और देश में समृद्धि लानेवाला महत्वपूर्ण घटक बन जायेगा। महंगाई रोकने के लिए राज्य के क़दम मुख्य मंत्री अशोक गहलोत ने महंगाई पर चर्चा के लिए प्रधान मंत्री के बुलाये गये मुख्य मंत्रियों के सम्मेलन में ६ फरवरी को बताया कि राजस्थान सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए राज्य में नागरिक आपूर्ति निगम (सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन) बनाने का विचार कर रही है। उन्होंने बताया कि क़ीमतों पर नियंत्रण करने के लिए राज्य सरकार जमाखोरी और कालाबाज़ारी करनेवालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कर रही है। सरकार ने आयातित चीनी पर लागू चार प्रतिशत वैट समाप्त कर दिया है, ताकि चीनी के दामों में कमी लायी जा सके। उन्होंने केंद्र सरकार को आश्वस्त किया कि राजस्थान सरकार खाद्यान्नों की बढ़ती क़ीमतों और महंगाई को नियंत्रित करने के लिए तत्काल सभी आवश्यक कदम उठा रही है। राज्य में कृषि के सर्वांगीण विकास के लिए राजीव गांधी कृषि मिशन का गठन किया है। किसानों को बिजली आपूर्ति सुनिश्र्चित की जा रही है। राज्य सरकार ने एक हजार मैट्रिक टन मूंग की दाल तथा छह हजार मैट्रिक टन पीले मटर की दाल का आयात किया है। खाद्यान्न वितरण में बीपीएल परिवारों को विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं। संभवत: इसीलिए प्रधान मंत्री ने कहा कि महंगाई का सबसे खराब दौर बीत चुका है। उन्होंने आशा प्रकट की कि अब अच्छे दिन आनेवाले हैं। |
| अंतिम अद्यतन ( सोमवार, 08 मार्च 2010 18:22 ) |