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ओबीसी कोटे में मुसलमानों को आरक्षण? पीडीएफ़ मुद्रण ई-मेल
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नयी दिल्ली     कांग्रेस सरकार मुसलमानों को अन्य पिछड़ा जातियों (ओबीसी) के कोटे से आरक्षण देने पर गंभीरता से विचार कर रही है। यह जानकारी यहां अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री सलमान खुर्शीद ने दी। खुर्शीद ने कहा कि हम मुसलमानों को आरक्षण देने के मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। हमने अपने चुनावी घोषणापत्र में भी मुसलमानों को आरक्षण देने का वादा किया था, जिसे पूरा करने के लिए काम हो रहा है।

संसद में दिसंबर में पेश की गयी रंगनाथ मिश्रा आयोग की रिपोर्ट में मुस्लिमों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण और अन्य अल्पसंख्यकों को पांच फीसदी आरक्षण देने की सिफारिश की गयी है। आयोग ने 15 फीसदी आरक्षण की अपनी सिफारिशों के लागू होने पर आने वाली दिक्कतों की स्थिति में एक वैक्लपिक रास्ता भी सुझाया है। मंडल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक अन्य पिछड़ी जातियों में 8.4 प्रतिशत अल्पसंख्यक हैं। इस लिहाज से अन्य पिछड़ी जातियों को दिये जाने वाले 27 प्रतिशत आरक्षण में से अल्पसंख्यकों के लिए 8.4 प्रतिशत आरक्षण होना चाहियेजिसका 6 प्रतिशत मुसलमानों को मिलना चाहिये। खुर्शीद ने कहा कि मुसलमानों की स्थिति पर अपनी रिपोर्ट पेश करने वाली सचर कमेटी ने भी यह विकल्प सुझाया था।

गौरतलब है कि इस साल मई में मुस्लिम नेताओं के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा था कि मुसलमानों को आरक्षण देने पर 6 महीने के अंदर फैसला ले लिए जायेगा। कांग्रेस आंध्र प्रदेशकर्नाटक, केरल और तमिलनाडू में आरक्षण ढांचे की तर्ज पर ही देशभर में मुसलमानों को आरक्षण देना चाहती है। तमिलनाडू में पिछड़ा जातियों को दिये जाने वाले 27 प्रतिशत आरक्षण में 3 प्रतिशत मुसलमानों के लिए हैं, वहीं आंध्र प्रदेश में मुसलमानों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण है।

अंतिम अद्यतन ( शुक्रवार, 30 जुलाई 2010 16:37 )
 


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श्री नंद किशोर नौटियाल जी

 

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