| भारत में सर्वाधिक वेतन बढ़ोत्तरी के आसार |
|
|
|
| द्वारा लिखित Administrator |
|
भारत में नौकरीपेशा लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। यह साल आपके लिए खास और बेहतर बढ़तवाला साबित होता नज़र आ रहा है। बेशक, यह किसी भविष्यवाणी जैसा लग सकता है, पर ऐसा ज्योतिष नहीं, बल्कि ४६५ कंपनियों के बीच किये गये सर्वेक्षण से पता चलता है। ताज़ा सर्वेक्षण कहता है कि इस वर्ष एशिया प्रशांत क्षेत्र में भारत ही एक ऐसा देश होगा जहां वेतन या तनख़्वाहों में बढ़ोत्तरी दहाई के अंकों में देखने को मिल सकती है। यानी दो, चार या आठ नहीं, १० प्रतिशत से ज़्यादा बढ़ोत्तरी इस वर्ष भारत में नौकरीपेशा लोगों की तनख़्वाहों में हो सकती है। सर्वेक्षण में पाया गया है कि भारत में इस वर्ष लोगों के वेतन में बढ़ोत्तरी का औसत १०.६ प्रतिशत तक हो सकता है। और तो और, बहुराष्ट्रीय कंपनियों की तुलना में भारतीय कंपनियां अपने कर्मचारियों को ज़्यादा रेवड़ियां बांटती नज़र आ सकती हैं। बताया जा रहा है कि जहां बहुराष्ट्रीय कंपनियों में इस बढ़ोत्तरी की सीमा १०.४ प्रतिशत तक रहने की उम्मीद है, वहीं भारतीय कंपनियों में यह आंकड़ा ११.४ प्रतिशत की औसत बढ़त तक का है। हेविट एसोसिएट्स की ओर से इस दिशा में एक अहम सर्वेक्षण किया गया। संस्था ने २० प्राथमिक उद्योगों की क़रीब ४६५ कंपनियों में वेतन संबंधी सर्वेक्षण किया। इन आंकड़ों के आधार पर उन्होंने पाया कि इस वर्ष भारत में एशिया प्रशांत क्षेत्र के बाकी देशों के मुकाबले ज़्यादा वेतन वृद्धि देखने को मिल सकती है। सर्वेक्षण बताता है कि ऊर्जा, टेलीकम्युनिकेशन, फार्माक्यूटिकल, ईपीसी और ऑटोमोटिव के क्षेत्र में सर्वाधिक बढ़ोत्तरी देखने को मिल सकती है। यहां वेतन बढ़ोत्तरी का प्रतिशत ११.६ प्रतिशत से १२.८ प्रतिशत तक रहने की उम्मीद है। |
| अंतिम अद्यतन ( सोमवार, 08 मार्च 2010 18:31 ) |