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कृपालुजी महाराज मंदिर प्रबंधन के ख़िलाफ़ आपराधिक मामला दर्ज पीडीएफ़ मुद्रण ई-मेल
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लखनऊ : उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में कृपालुजी महाराज के आश्रम का गेट गिरने और फिर मची भगदड़ में ६३ लोगों की मृत्यु की घटना में पुलिस ने मंदिर प्रबंधन के ख़िलाफ़ आपराधिक लापरवाही का मामला दर्ज किया है। ४ मार्च की दोपहर हुई इस घटना में सौ से अधिक लोग घायल भी हुए थे। मरनेवालों में ३७ बच्चे और २६ महिलाएं हैं।

एक पुलिस अधिकारी कुंडा इकब़ाल सिंह ने पत्रकारों को बताया, ``मंदिर के प्रबंधन और कार्यक्रम के आयोजकों के ख़िलाफ़ लापरवाही के कारण लोगों की मौत की ज़िम्मेदारी का मामला दर्ज किया गया है, लेकिन फिलहाल किसी को गिरफ़्तार नहीं किया गया और न ही किसी व्यक्ति विशेष का नाम लिया गया है।''

बताया गया है कि उत्तर प्रदेश की मुख्य मंत्री मायावती के आदेश पर ये मामला दर्ज किया गया है। इलाहाबाद डिवीजन के आयुक्त भी इस मामले की प्रशासनिक जांच कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस इसे एक दुर्घटना के तौर पर ही देख रही है।

कृपालुजी महाराज आश्रम के मंदिर ट्रस्ट के मुखिया ने इस घटना पर अफ़सोस व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों को मुआवज़ा देने की पेशकश की है।

ज्ञात हो कि कृपालुजी महाराज ८८ वर्षीय हिंदू संत हैं, जिनके देश-विदेश में अनेक समर्थक हैं। उनकी पत्नी का पिछले साल निधन हुआ था, जिनकी बरसी के मौके पर लोगों को सामान वितरित किया जा रहा था।

उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बृजलाल ने बताया कि लोगों की मृत्यु आश्रम का गेट गिरने से नीचे दबकर और उससे मची भगदड़ के कारण हुई। आश्रम में राम-जानकी मंदिर है, जिसका विशाल मुख्य गेट बनाया जा रहा था। प्रतापगढ़ जिले के कुंडा स्थित आश्रम में उस समय लगभग १५ से २० हज़ार लोग जमा थे। कार्यक्रम के आयोजकों का कहना है कि उन्हें अनुमान नहीं था कि इतनी ज़्यादा संख्या में लोग वहां जमा हो जायेंगे।

अंतिम अद्यतन ( सोमवार, 08 मार्च 2010 18:28 )
 


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