`पा' खुद को ही चुनौती दे रहे हैं-अभिषेक  बिग बी के पुत्र अभिषेक बच्चन, जिन्होंने `पा' फ़िल्म में अमिताभ बच्चन के पिता की भूमिका निभायी है, अपने `पा' के बारे में कहा कि वह अब अपने करियर के उस पड़ाव पर हैं, जहां अलग-अलग प्रकार के चुनौतीपूर्ण किरदार (रोल) निभाकर वह खुद को ही चुनौती दे रहे हैं। जैसा कि अधिकांश लोग जानते हैं कि जल्द ही प्रदर्शित होने जा रही फ़िल्म `पा' में मिलेनियम स्टार के खिताब से नवाज़े जा चुके बिग बी ने १३ साल के एक ऐसे बच्चे की भूमिका अदा की है, जो प्रोजेरिया नामक बीमारी से ग्रस्त है। बकौल अभिषेक उम्र के इस पड़ाव (६७ वर्ष) में भी अमिताभ जिस शिद्दत से इस तरह के चुनौतीपूर्ण किरदार निभा रहे हैं, वो किरदार निभाना उनकी उम्र के किसी भी कलाकार के लिए बेहद मुश्किल होगा, चाहे मामला फ़िल्म `अलादीन' में निभायी गयी जिन्न की भूमिका का हो या `पा' में १३ साल के एक बच्चे की भूमिका। अभिषेक का कहना है कि ``वो करियर के उस मुकाम पर हैं, जहां पहुंचना सबके बस की बात नहीं। इसके साथ ही वो फ़िल्म में विभिन्न किरदारों को निभा चुके हैं चुके हैं और उन्हें लगता है कि मुझे जो करना था वो मैं कर चुका। अब वो अपनी आत्मसंतुष्टि के लिए कोई रोल करते हैं। हां इतना ज़रूर है कि कुछ किरदार निभाना उनके लिए शारीरिक रूप से थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, जैसे कि `अलादीन' या `पा' जैसी फ़िल्मों में निभाये किरदार, खासकर `पा' जैसे किरदार, क्योंकि `पा' के किरदार के लिए उन्हें मेकअप वगैरह में कई घंटे समय देना पड़ता था।'' बकौल अभिषेक उनके पिता का चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं को तलाशते रहना वाकई लाजवाब है। अभिषेक बच्चन फ़िल्म `पा' के एक दृश्य में अमिताभ को पीठ पर घुमाते हुए दिखायी दे रहे हैं। इस दृश्य को याद करते हुए अभिषेक ने कहा कि `उन्हें पीठ पर उठाकर घुमाना बिल्कुल भी मुश्किल नहीं था। बचपन में उन्होंने भी मुझे अपनी पीठ पर बैठाकर काफी घुमाया है। मुझे उनके कंधे पर बैठकर बंगले के नीचे से गुजरने वाले लोगों को देखने में काफी मजा आता था। वे यादें मेरी ज़िंदगी की खूबसूरत यादें हैं। मैं खुश हूं कि फ़िल्म में ही सही मुझे उस एहसान को चुकाने का मौका तो मिला।'
`नये अभिनेता के साथ फ़िल्म नहीं करेगी नर्मदा आहूजा
बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा की बेटी नर्मदा आहूजा ने अपनी पहली फ़िल्म से पहले ही अपनी प्राथमिकताएं तय कर ली हैं। बकौल नर्मदा वह अपनी फ़िल्म किसी नवागंतुक अभिनेता की बजाय ऐसे अभिनेता के साथ करना चाहेंगी जो कम से कम एक फ़िल्म कर चुका हो। २१ वर्षीया नर्मदा ने कहा कि मैं किसी खास अभिनेता के साथ अपनी पहली फ़िल्म नहीं करना चाहती, लेकिन मैं किसी ऐसे व्यक्ति के साथ भी शुरूआत नहीं करना चाहती, जो बिल्कुल नया हो। उसने कहा मेरी प्राथमिकता होगी कि मेरा सह-कलाकार कम से कम एक फ़िल्म पहले कर चुका हो। अभिनय शुरू करने के बारे में नर्मदा का कहना है कि बहुत कुछ पटकथा पर निर्भर करता है, इसलिए जब तक वह तैयार नहीं होती है, तब तक सह-कलाकार के विषय में सोचने का कोई मतलब नहीं है। वैसे नये कलाकारों में कोई अभिनेता नर्मदा की व्यक्तिगत पसंद नहीं है। उनकी पहली फ़िल्म के विषय में पूछने पर वह कहती हैं, अभी हमने पटकथा पर काम शुरू किया है इसलिए अभी इस विषय में कुछ कहना ज़ल्दबाजी होगी।
शेट्टी की फ़िल्म `रेड अलर्ट' का प्रीमियर आइएफएफआइ में 
देश के भीतर नासूर का रूप ले चुकी नक्सल समस्या को पर्दे पर उतारने वाली सुनील शेट्टी की फ़िल्म `रेड अलर्ट' का इस महीने गोवा में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया आइएफएफआइ में प्रीमियर होगा। अनंत महादेवन के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म को जर्मनी के स्टटगर्ट फ़िल्म फेस्टिवल में `डायरेक्टर्स विज़न अवार्ड' मिल चुका है। शेट्टी ने कहा कि यह बहुत अच्छा है कि फ़िल्म को स्टटगर्ट में आलोचकों का पुरस्कार और पांच सितारा रेटिंग मिली। शेट्टी ने कहा अपने काम को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलना हमेशा से सुखद रहा है। अब मेरा ध्यान गोवा में इसके प्रीमियर की ओर है। नक्सल आंदोलन पर आधारित इस फ़िल्म में समीरा रेड्डी, नसीरुद्दीन शाह और विनोद खन्ना की भी अहम भूमिका है। इसके अलावा इसमें `मैंने प्यार किया' से चर्चित हुइंर् भाग्यश्री भी दिखेंगी। बकौल शेट्टी यह फ़िल्म सच्ची कहानी पर आधारित है। उन्होंने कहा इसमें मैंने एक किसान की भूमिका निभायी है, जो नक्सल आंदोलन में शामिल हो जाता है। यह बहुत संवेदनशील मुद्दा है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद होने और न होने के बीच बहुत पतली सीमारेखा है। यह आतंकवाद पर आधारित फ़िल्म नहीं है। शेट्टी ने कहा कि फ़िल्म का अंत दिखाता है कि अगर हम बंदूक छोड़ दें तो हमें वह मिल जाता है, जो हम पाना चाहते थे। फ़िल्म की भारत में प्रदर्शन की तारीख अभी निर्धारित नहीं हुई है। शेट्टी ने कहा कि मुझे लगता है कि यह दिसंबर के अंत तक प्रदर्शित होगी।
| प्रवासी फ़िल्म समारोह जनवरी में दिल्ली में मासिक पत्रिका `प्रवासी टूडे' की ओर से आयोजित भारतीय प्रवासी फ़िल्म फेस्टिवल जनवरी २०१० में दिल्ली में संपन्न होने जा रहा है। समारोह की शुरुआत ओम पुरी और शर्मिला टैगोर अभिनीत फ़िल्म `लाइफ गोज ऑन' से होगी, जिसका निर्देशन संगीता दत्ता ने किया है। समारोह में डॉक्यूमेंट्री फ़िल्में भी दिखायी जायेंगी। समारोह में नसरीन मुन्नी कबीर की डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म `द इनर/आउटर वर्ल्ड ऑफ शाहरुख खान' भी दिखायी जायेगी। समारोह का आयोजन तीन से छह जनवरी तक दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में होने जा रहा है। इस समारोह में कम चर्चित प्रवासी फ़िल्मकारों को भी भारतीय दर्शकों से रू-ब-रू होने का मौका मिलेगा। समारोह के आयोजन का मुख्य उद्देश्य विदेशों में बसे भारतीय फ़िल्मकारों को अपने मूल निवास (देश) में अपने सिनेमा का प्रदर्शन करने का अवसर प्रदान करना है। समारोह के आयोजन से जुड़े अभिनेता मनोज वाजपेयी का कहना है कि कुछ नौजवान अप्रवासी फ़िल्मकार ग़ज़ब की फ़िल्में बना रहे हैं। वाजपेयी ने कहा सुप्रसिद्ध फ़िल्म निर्माता द्वय दीपा मेहता और मीरा नायर ने अप्रवासी भारतीयों के जीवन पर अपनी फ़िल्मों के माध्यम से खूबसूरत काम किया है, लेकिन इस समारोह में हम इन बड़े नामों के अलावा कुछ और उभरते फ़िल्मकारों को भी पेश करेंगे। समारोह में २० फ़िल्मों का प्रदर्शन किया जायेगा, जिनमें मुख्य रूप से `मानसून वेडिंग', `९९', `द प्रेसीडेंट इज कमिंग', `भविष्य-द फ्यूचर' और `द इनर/आउटर वर्ल्ड ऑफ शाहरुख खान' शामिल हैं। प्रवासी फ़िल्म समारोह की घोषणा के लिए दिल्ली में हुए समारोह में मॉरीशस के राष्ट्रपति अनिरुद्ध जगन्नाथ भी उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रवासी टूडे पत्रिका के विशेष अंक `मॉरीशस-दि डायसपोरा कैपिटल' को भी जारी किया गया।
इंदिरा गांधी की भूमिका में नज़र आयेंगी माधुरी 
धक-धक गर्ल के नाम से मशहूर बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित कृष्णा शाह की ओर से भारत की पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी के जीवन पर दो भागों में बनायी जानेवाली फ़िल्म में इंदिरा गांधी का किरदार निभायेंगी। वेरायटी पत्रिका के अनुसार गोल्डन ग्लोब के लिए नामित हो चुके शाह पिछले २३ वर्ष से `मदर द इंदिरा गांधी स्टोरी' की पटकथा लिख रहे हैं और अब उनकी योजना २०११ के अंत तक इसे पर्दे पर उतारने की है। शाह ने अपनी इस महत्वाकांक्षी फ़िल्म के लिए बॉलीवुड की सुप्रसिद्ध अभिनेत्री माधुरी दीक्षित से संपर्क किया और उन्हें इंदिरा गांधी की भूमिका निभाने के लिए साइन कर लिया। शाह को उम्मीद है कि अप्रैल २०१० में वह फ़िल्म की शूटिंग शुरू कर देंगे। फ़िल्म का अधिकांश हिस्सा भारत फिल्माया जायेगा, लेकिन इसका कुछ हिस्सा अमेरिका, ब्रिटेन और रूस में भी फिल्माया जायेगा। फ़िल्म के लेखक-निर्देशक शाह का कहना है कि इंदिरा गांधी का व्यक्तित्व इतना व्यापक है, कि उन्हें एक फ़िल्म में समेट पाना संभव नहीं है। बकौल शाह यह फ़िल्म हिंग्लिश में होगी। फ़िल्म में गाने नहीं होंगे और यह बॉलीवुड स्टाइल फ़िल्म से बिल्कुल अलग होगी।
सर बेन किंग्स्ले ऐश के साथ काम करने के ख्वाहिशमंद हॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता सर बेन किंग्स्ले अपनी आगामी फ़िल्म `ताज महल' में बॉलीवुड की सुप्रसिद्ध अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन के साथ काम करना चाहते हैं। उनकी इच्छा है कि ऐश्वर्या उनकी फ़िल्म में मुमताज महल का किरदार निभायें। गोवा फ़िल्म फेस्टीवल में अतिथि के तौर पर भारत पधारे सर बेन किंग्स्ले ने अस्सी के दशक में रिचर्ड एटनबरो की फिल्म `गांधी' में मुख्य किरदार निभाया था, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का ऑस्कर एवार्ड मिला था। किंग्स्ले ज़ल्द ही अपनी आगामी फ़िल्म ताज महल की शुरुआत करनेवाले हैं। उनका मानना है कि अगर ऐश्वर्या राय बच्चन को उनकी स्क्रिप्ट पसंद आती है, तो वह इस फ़िल्म में मुमताज महल की भूमिका निभा सकती हैं। बेन के अनुसार इस फ़िल्म में उनकी पत्नी शाहजहां की पहली पत्नी कंधारी बेगम का किरदार निभायेंगी। `ताज़ महल' का निर्माण प्रोडक्शन कंपनी एसबीके पिक्चर्स के बैनर तले किा जा रहा है। ताज महल' मुग़ल बादशाह शाहजहां की कहानी है जो अपनी बीवी से बेहद प्यार करता था। निश्र्चित रूप से इस फ़िल्म में `ताज़ महल' को बनाने को लेकर उसकी प्रबल इच्छा को बखूबी दर्शाने का प्रयास किया जायेगा। फ़िल्म की शूटिंग आगरा में की जायेगी। २०१० में ऐश्वर्या जलवा बिखेरेंगी २००९ में भले ही ऐश्वर्या राय बच्चन की कोई भी फ़िल्म प्रदर्शित न हुई हो, लेकिन उनके चाहनेवाले निराश न हों, क्योंकि अगले साल वह उन्हें एक नहीं, बल्कि चार बड़ी फ़िल्मों में देख सकते हैं। ऐश्वर्या की आनेवाली फ़िल्मों में शामिल है निर्देशक मणि रत्नम की `रावण'। यह तीसरा मौका है, जब ये दोनों एक साथ काम कर रहे हैं। ऐश्वर्या ने अपने करियर की शुरुआत १९९७ में मणि रत्नम की तमिल फ़िल्म `इरुवर' से की थी और फिर २००७ में आयी हिंदी फ़िल्म `गुरु'। इस बारे में ऐश्वर्या कहती हैं कि मणि रत्नम के साथ काम करना हमेशा ही अच्छा लगता है। बकौल ऐश्वर्या ``मणि रत्नम जैसे निर्देशक के साथ काम करना किसी भी अभिनेता के लिए सम्मान की बात है।'' गुरु के बाद रावण में एक बार फिर ऐश्वर्या और अभिषेक बच्चन की जोड़ी एकसाथ नज़र आयेगी। यह फ़िल्म हिंदी और तमिल भाषाओं में बन रही है। ऐश्वर्या कहती हैं कि उनके लिए ये एक अद्भुत अनुभव था, क्योंकि उन्होंने इससे पहले कभी भी एक साथ दो भाषाआें में काम नहीं किया है। `रावण' के अलावा अगले साल ऐश्वर्या एस. शंकर की तमिल फ़िल्म `एेंदीरन', विपुल शाह की `एक्शन रीप्ले' और संजय लीला भंसाली की `गुज़ारिश' में दिखेंगी। ऐश्वर्या कहती हैं कि वो खुशनसीब हैं कि उन्होंने अपने करियर में कई प्रगतिशील बेहतरीन निर्देशकों के साथ काम किया है।
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