Home नूतन सवेरा:परिचय
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नूतन सवेरा राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में जाना-माना नाम है। नूतन सवेरा की प्रमुख विशेषता यह है कि इसने हिंदी की गरिमा को कायम रखते हुए ख़बरों और महत्वपूर्ण मुद्दों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया है, ताकि अधिक से अधिक पाठकों तक पहुंचा जा सके। समाज और व्यवस्था में फैले हुए कदाचार, भ्रष्टाचार, ग़ैर ज़िम्मेदारी और कुराज पर प्रहार करते हुए नूतन सवेरा अपने कालमों में राष्ट्रीय उपलब्धियों तथा उसमें योगदान करनेवाले व्यक्तियों और प्रवृत्तियों को आगे बढ़कर उजागर करता है।

नूतन सवेरा ने १९९३ में हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में आगाज़ किया। अर्धशती से अधिक के अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार तथा संपादक नंदकिशोर नौटियाल के संपादन में नूतन सवेरा हिंदी पत्रकारिता की नयी ऊंचाइयां छू रहा है। नंदकिशोर नौटियाल इससे पहले ३० वर्षों तक हिंदी ब्लिट्ज़ के संपादक रह चुके हैं। इस समय वह महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी के कार्याध्यक्ष हैं। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ट्रस्ट के भी अध्यक्ष रह चुके हैं। उनके संपादन में नूतन सवेरा देश और समाज की सेवा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

आज नूतन सवेरा नामक वह पौधा वटवृक्ष का रूप धारण कर चुका है जिसकी शाखाएं महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश सहित समस्त हिंदुस्तान में फैली हैं। नूतन सवेरा अख़बार का मुख्य कार्यालय मुंबई में स्थित है। हमारे अख़बार का वितरण भारत के ४ प्रमुख महानगरों के अलावा अन्य १० राज्यों में भी होता है।
राष्ट्रीय साप्ताहिक नूतन सवेरा की लोकप्रियता का लाभ हमारे विज्ञापनदाता भी उठा सकते हैं। नूतन सवेरा में विज्ञापन देकर आप हमारे हजारों-लाखों पाठकों तक सहज ही पहुंच सकते हैं और अपने उत्पाद तथा सेवाओं के बारे में उन्हें अवगत करा सकते हैं। पाठक जितना भरोसा नूतन सवेरा की खबरों पर करते हैं, उतना ही महत्व वे इसमें प्रकाशित विज्ञापनों को देते हैं। इसलिए हम यही कह सकते हैं कि नूतन सवेरा में विज्ञापन देना घाटे का सौदा नहीं है।
अगले अंकों में आपके सक्रिय सहयोग की अपेक्षा के साथ,

 
आपका
(राकेश शर्मा)
कार्यकारी संपादक
 


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श्री नंद किशोर नौटियाल जी

 

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